ALFAAZON KI GULLAK

250.00

About Book

“अल्फ़ाज़ों की गुल्लक” सिर्फ एक किताब नहीं, जज़्बातों का वो खज़ाना है जिसे वक्त के साथ धीरे-धीरे जमा किया गया है। जैसे बचपन में हम अपनी गुल्लक में सिक्के डालते थे, वैसे ही इस किताब में हर कविता एक एहसास बनकर सहेजी गई है—कभी मोहब्बत, कभी दर्द, कभी यादें, तो कभी अधूरी बातें।

इस गुल्लक की खासियत ये है कि इसमें जमा हर ‘सिक्का’ एक कहानी कहता है। कोई आपको मुस्कुराने पर मजबूर करेगा, तो कोई चुपचाप आपकी आंखें नम कर देगा। जब आप इसे खोलेंगे, तो शायद आपको अपने ही दिल के कुछ अनकहे जज़्बात इसमें मिल जाएं।

ये किताब उन लोगों के लिए है जो छोटी-छोटी बातों में भी गहराई महसूस करते हैं… और उन लोगों के लिए भी, जिनके पास बहुत कुछ है कहने को, मगर शब्द नहीं मिलते।

“अल्फ़ाज़ों की गुल्लक” — क्योंकि कुछ एहसास खर्च नहीं, संभाल कर रखने के लिए होते हैं।

 

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About Book

“अल्फ़ाज़ों की गुल्लक” सिर्फ एक किताब नहीं, जज़्बातों का वो खज़ाना है जिसे वक्त के साथ धीरे-धीरे जमा किया गया है। जैसे बचपन में हम अपनी गुल्लक में सिक्के डालते थे, वैसे ही इस किताब में हर कविता एक एहसास बनकर सहेजी गई है—कभी मोहब्बत, कभी दर्द, कभी यादें, तो कभी अधूरी बातें।

इस गुल्लक की खासियत ये है कि इसमें जमा हर ‘सिक्का’ एक कहानी कहता है। कोई आपको मुस्कुराने पर मजबूर करेगा, तो कोई चुपचाप आपकी आंखें नम कर देगा। जब आप इसे खोलेंगे, तो शायद आपको अपने ही दिल के कुछ अनकहे जज़्बात इसमें मिल जाएं।

ये किताब उन लोगों के लिए है जो छोटी-छोटी बातों में भी गहराई महसूस करते हैं… और उन लोगों के लिए भी, जिनके पास बहुत कुछ है कहने को, मगर शब्द नहीं मिलते।

“अल्फ़ाज़ों की गुल्लक” — क्योंकि कुछ एहसास खर्च नहीं, संभाल कर रखने के लिए होते हैं।

 

About Author

राधिका सरीन पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, लेकिन दिल से एक संवेदनशील कवयित्री। उनका जन्म पंजाब की मिट्टी में हुआ और परवरिश हरियाणा की सादगी भरी फिज़ाओं में। बचपन से ही शब्दों के साथ उनका एक अनोखा रिश्ता रहा—जहाँ बाकी बच्चे कहानियाँ सुनते थे, वहीं राधिका उन्हें महसूस करती थीं और अपने भीतर संजो लेती थीं।

कविता उनके लिए केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का एक सजीव संसार है। स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्होंने अपनी इस प्रतिभा से कई मंचों को सजाया और अनेक पुरस्कार अपने नाम किए। लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान हमेशा यही रहा कि उनके शब्द किसी के दिल को छू सकें।

वक्त के साथ, जब ज़िंदगी ने उन्हें नए रंग दिखाए—खुशियों के, संघर्षों के, बिछड़ने और फिर संभलने के—तो उन सभी अनुभवों ने उनके अल्फाज़ों को और गहराई दी। उन्होंने अपनी कलम को अपना हमराज़ बना लिया, और चुपचाप अपने एहसासों को कागज़ पर उतारती रहीं।

“अल्फाज़ों की गुल्लक” उनकी उन्हीं अनमोल भावनाओं का संग्रह है—जैसे किसी ने अपने दिल की छोटी-छोटी पूँजी को एक गुल्लक में सहेज कर रखा हो। इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने अपने अनुभवों, यादों और जज़्बातों को इस उम्मीद के साथ साझा किया है कि हर पाठक इसमें कहीं न कहीं खुद को ढूँढ पाएगा।

उनकी कविताएँ कभी मुस्कान बनकर आपके होंठों पर ठहरेंगी, तो कभी एक अनकही टीस बनकर दिल को छू जाएँगी। हर पंक्ति में एक सच्चाई है, एक एहसास है, जो सीधे दिल से निकलकर दिल तक पहुँचने की कोशिश करता है।

आशा है कि यह पुस्तक आपके जीवन के किसी कोने में अपनी एक छोटी-सी जगह बना सकेगी, और जब भी आप इसे खोलेंगे, आपको अपने ही एहसासों की एक झलक मिलेगी।

आप सभी को एक सुखद, भावनात्मक और आनंददायक पठन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

 

 

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